रंग March 24, 2018February 10, 2022Posted in Poetry हर काली करतूत का रंग काला नहीं होता – रंग : सरकार का – बेपरवाह मैल्ला, बदरंग पुलिस का – निर्दयी खाखी बलवाइयों का – जलते धुंए सा सलेटी हत्यारों का – सुर्ख लाल बलात्कारी का – नपुंसक सफ़ेद Share this: @RajinderArora Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Like Loading...