पर्दा

खिड़की पे तेरी गुलों का पर्दा क्यूँ 

बहार को भी चिलमन बना लिया तुमने ?

पहरा था गुलों का, पर्दा बहार का

खिड़की में तेरा अक्स हम ढूंढते रहे

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