कुछ आँखों में कुछ आहों में
कुछ सीली सुस्त हवाओं में
कुछ वादों में कुछ यादों में
कुछ कलियों में कुछ पत्तों में
इक सावन संजो के रखा है
कुछ बूँद बचा के रखीं हैं
तुम आओगे तो ले जाना।
राजिंदर, सितम्बर 25, 2022
बारिश के आखरी चार दिन के बाद

This, that, and all between.
कुछ आँखों में कुछ आहों में
कुछ सीली सुस्त हवाओं में
कुछ वादों में कुछ यादों में
कुछ कलियों में कुछ पत्तों में
इक सावन संजो के रखा है
कुछ बूँद बचा के रखीं हैं
तुम आओगे तो ले जाना।
राजिंदर, सितम्बर 25, 2022
बारिश के आखरी चार दिन के बाद
