चतुर्भुज स्थान

कितनी प्रार्थनाएँ 

कितनी कामनाएँ 

कितने सवाल 

कितने दुःख 

कितने कष्ट 

कितने पाप 

कितने संताप 

छोड़ आते हैं लोग 

पीपल के हवाले। 

अरिया भंगन उन सब को 

ख़ुशी-ख़ुशी समेट लाती है –

चढ़ावे के फूल, चावल, गुड़, 

लाल धागों और किनारी लगे 

दुपट्टों के साथ। 

अरिया भंगन  

फिर से कर आती है 

साफ़-शफ़्फ़ाफ़ पाक 

पीपल का मैला चौराहा

जहाँ से एक रास्ता 

चतुर्भुज स्थान को जाता है। 

– रा, 19 नवम्बर  

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