माैसम सर्द हो रहा है
आज तो हवा भी चल रही है
धूप भी कभी निकलती है, कभी नहीं
तुम्हारे बारे में सोच रहा था
तुम्हे, जिसे इदरीस की चाय बहुत पसंद है
ठंडे मौसम में इधर मत चली आना
इदरीस की दूकान बंद है
सोचा तुम्हें बता दूं
तुम्हें मालूम नही होगा
कैसे पहुँचती ख़बर तुम तक
कल रात ही तो
कल रात इदरीस गुज़र गया
कल रात उसने शायद यहीं बितायी
मेरी तरह
मैं यहीं हूँ
दूकान के बाहर
इंतज़ार कर रहा था तुम्हारा
कल रात से
- रा 26 नवंबर 2022
इदरीस की याद में जो 80 के दशक में रामजस कॉलेज की दीवार के साथ लगे खोखे से चाय बेचता था और इसी तरह के सर्द मौसम में गुज़र गया।