सबसे पक्की दोस्त है मेरी
प्यारी साइकिल मेरी साइकिल
दो पहियों थकते ना चलते
दूर दूर तक जाती साइकिल
घर से हाट, खेत और बाड़ी
झटपट से ले जाती साइकिल
पापा बहना चाचा मैया
सबको सैर कराती साइकिल
प्यारी साइकिल मेरी साइकिल
सर्दी, गर्मी, या बारिश हो
स्कूल मुझे ले जाती साइकिल
पक्के रस्ते सरपट भागे
कच्चे पे थक जाती साईकिल
पैडल चैन ब्रेक और पहिये
सब मिल कर है बनती साइकिल
राशन हो या कोयला बोरी
सब का बोझ उठाती साइकिल
प्यारी साइकिल मेरी साइकिल
घंटी टरन-टरन बजती है
सुर में गाना गाती साइकिल
गद्दी इसकी है राजा सी
सबपे रौब जमाती साइकिल
बिन बिजली बिन तेल चले ये
धुआँ नहीं फैलाती साइकिल
प्यारी साइकिल मेरी साइकिल
चैन कभी फांस जाए इसकी
लो, फिर तो रुक जाती साइकिल
टायर जब हो जाये दुबला
सुस्त सुस्त हो जाती साइकिल
जिस दिन इसका मन ना होता
पंचर-फुस हो जाती साइकिल
खड़ी खड़ी सुस्ताती साइकिल
पेड़ को गले लगाती साइकिल
प्यारी साइकिल मेरी साइकिल
– राजिंदर अरोरा
22 दिसंबर 2022