सावन 2023

ये सावन तुम्हारे लिए है
सच्ची, यक़ीन मानो। 
नहीं, मैं हँस नहीं रहा 
मैं चाहता हूँ तुम प्यार करो 
बादलों से, बारिश से, बूंदों से, 
भीगने से और 
भीग कर बहकने से।   
उतना ही जितना प्यार तुम करते हो  
अक्टूबर की गुलाबी सर्दी से । 
सचमुच मैं हँस नहीं रहा 
ना तुम्हारे भीगे उलझे बालों पे
ना ही चेहरे से उड़े रंग पे
बस परेशान हूँ 
तुम्हे बारिश पसंद क्यों नहीं ?
व्हाई डोंट यू एन्जॉय द रेन ?

याद है तुम्हे अपना ढाई इंच हील वाला   
दाएं पैर में घसीटता वो काला जूता  
जिसकी हील कीचड़ में कहीं समा गई थी 
और जिसने तुम्हे पलट दिया था 
या पटक दिया था ? 
बिलकुल वैसे ही जैसे 
दिल्ली की पहली बारिश में 
पलटते देखे हैं तुमने 
पानी से भर गहरे गढ़ों को 
लांघने वाले मोटरसाइकिल ।

मैं भी कई बार गिरा हूँ 
फिसला हूँ बारिश में 
पानी भरे गड्ढों में। पर क्या करूँ 
कीचड़ भरे छोटे पोखर    
और पानी में तैरती सड़कें  
मुझे उकसाती हैं 
ताना देती  हैं 
फ़ितने कस्ती हैं। 
याद दिलाती हैं 
खोया बचपन। 

हर सावन 
उसी बचपन में लौट जाता हूँ मैं। 

हर सावन याद करता हूँ 
बीते सावन वाला तुम्हारा चेहरा।   

सचमुच 
ये सावन तुम्हारे लिए है 
और उस ढाई इंच की हील के लिए 
जो तब से बारिश का मज़ा ले रही है ।

  • सावन 2023

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