<Orvasca subnotota> Summer moth. जनाब-ए-मोहतरम कल देर रात घर पहुंचें। रात क्या सुबह ही समझो, जहां फज्र की अज़ान हुई वहीं बैठ गए। सजदे में जैसे सर नवाया था वैसे ही पड़े हैं। हर आशिक का हश्र यहीं होता है। शमा से हुआ इश्क जान ले के ही छोड़ता है।

This, that, and all between.
<Orvasca subnotota> Summer moth. जनाब-ए-मोहतरम कल देर रात घर पहुंचें। रात क्या सुबह ही समझो, जहां फज्र की अज़ान हुई वहीं बैठ गए। सजदे में जैसे सर नवाया था वैसे ही पड़े हैं। हर आशिक का हश्र यहीं होता है। शमा से हुआ इश्क जान ले के ही छोड़ता है।
