Turtles upside down

All these turtles who lie upside down flapping their chests, washed ashore, stranded on a beach or stuck between the rocks, are attention seeking narsacists – looking for love or a beloved’s hand to calm their nerves, pat them and carry them back to their fun-n-games in the sea. Try kissing its sexy neck and it withdraws like a sulk; try riding a giant one after the ‘rescue’ and he dumps you deep with the first tide. Ah, try me next time…

Bridge washed away in 2023

​​पिछले साल मलारी को जाते हुए द्रोणागिरी ​और जुम्मा ​गांव के बाद ‘अचानक ढाबा’ ​​​ के सामने से गुजरते हुए जुम्मा गाड़ (नदी​)​ के दूसरी तरफ ले जाने वाला जो पुल पार किया था वो कल बह गया। तपोवन​ व जोशीमठ का नीति पास​, ​मलारी​ घाटी​​, कैलाशपुर, बाम्पा, घमसाली और कोसा आदि से सड़क संपर्क अब नहीं रहा। ​सरहद के पास के इस इलाक़े में पिछले पांच रोज़ से लगातार तेज़ बारिश हो रही है और तेजी से पिघलते ग्लेशियर निचली घाटियों के बाशिंदों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं । 

​क्या क्या ले जाता है सैलाब। और फिर कितने नाज़ुक कितने कच्चे और कमज़ोर होते हैं ना ये दो पहाड़ों या दो दिलों को जोड़ने वाले पुल !! एक को नदी का उफ़ान बहा ले जाता है तो दूसरे को आँसुओं का। 

Photo 1: October 2022, the bridge over Jumma riverine, connecting Joshimath to Niti Pass (on Indo-China border) in Chamoli district of Uttarakhand. Last year it was raining till late October in that area. BTW, Dronagiri village is famous for two reasons, 1. for the beautiful Dronagiri mountain which is barely 12 km from the roadhead, and 2. Dronagiri is the mountain, a part of which was uprooted by Hanuman as he couldn’t identify the herb needed to resussicate Lakshman. For this reason, the residents of this tiny hamlet don’t idolize Hanuman. Photo 2: Partial view of multiple cloud covered mountain ranges from Malari.

12 July 2023

सावन 2023

ये सावन तुम्हारे लिए है
सच्ची, यक़ीन मानो। 
नहीं, मैं हँस नहीं रहा 
मैं चाहता हूँ तुम प्यार करो 
बादलों से, बारिश से, बूंदों से, 
भीगने से और 
भीग कर बहकने से।   
उतना ही जितना प्यार तुम करते हो  
अक्टूबर की गुलाबी सर्दी से । 
सचमुच मैं हँस नहीं रहा 
ना तुम्हारे भीगे उलझे बालों पे
ना ही चेहरे से उड़े रंग पे
बस परेशान हूँ 
तुम्हे बारिश पसंद क्यों नहीं ?
व्हाई डोंट यू एन्जॉय द रेन ?

याद है तुम्हे अपना ढाई इंच हील वाला   
दाएं पैर में घसीटता वो काला जूता  
जिसकी हील कीचड़ में कहीं समा गई थी 
और जिसने तुम्हे पलट दिया था 
या पटक दिया था ? 
बिलकुल वैसे ही जैसे 
दिल्ली की पहली बारिश में 
पलटते देखे हैं तुमने 
पानी से भर गहरे गढ़ों को 
लांघने वाले मोटरसाइकिल ।

मैं भी कई बार गिरा हूँ 
फिसला हूँ बारिश में 
पानी भरे गड्ढों में। पर क्या करूँ 
कीचड़ भरे छोटे पोखर    
और पानी में तैरती सड़कें  
मुझे उकसाती हैं 
ताना देती  हैं 
फ़ितने कस्ती हैं। 
याद दिलाती हैं 
खोया बचपन। 

हर सावन 
उसी बचपन में लौट जाता हूँ मैं। 

हर सावन याद करता हूँ 
बीते सावन वाला तुम्हारा चेहरा।   

सचमुच 
ये सावन तुम्हारे लिए है 
और उस ढाई इंच की हील के लिए 
जो तब से बारिश का मज़ा ले रही है ।

  • सावन 2023