सिगरेट पिए और धुंए के छले बनाये मुद्दत हो गई। अब तो तम्बाकू की खुशबु और स्वाद भी भूल चूका और वो जिसकी वजह से सिगरेट पीते थे वो भी भूल चुका है। पर नई से नई ऐशट्रे इकठ्ठा करने का शौक़ बरकरार है। अभी पिछले हफ्ते ही ये दो मिलीं। अपनी कलेक्शन के नंबर 144 और 145 । पीतल की बनी ये ऐशट्रे 6 x 3 इंच की हैं । करीब एक इंच गहराई की हैं और एक का वज़न 312 ग्राम है। दिलजले धुंएबाज़ ने जो काजल इन पर छोड़ा है उसमे अभी भी पके तमाखू की महक बरकरार है। अपने अपने शौक़ हैं!
Warning: Smoking and consumption of tobacco in any form is injurious to health

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