Heal me, I am a wound
Prayer me, I am a curse
Seed me, I am a stone
This, that, and all between.
Heal me, I am a wound
Prayer me, I am a curse
Seed me, I am a stone
माैसम सर्द हो रहा है
आज तो हवा भी चल रही है
धूप भी कभी निकलती है, कभी नहीं
तुम्हारे बारे में सोच रहा था
तुम्हे, जिसे इदरीस की चाय बहुत पसंद है
ठंडे मौसम में इधर मत चली आना
इदरीस की दूकान बंद है
सोचा तुम्हें बता दूं
तुम्हें मालूम नही होगा
कैसे पहुँचती ख़बर तुम तक
कल रात ही तो
कल रात इदरीस गुज़र गया
कल रात उसने शायद यहीं बितायी
मेरी तरह
मैं यहीं हूँ
दूकान के बाहर
इंतज़ार कर रहा था तुम्हारा
कल रात से
इदरीस की याद में जो 80 के दशक में रामजस कॉलेज की दीवार के साथ लगे खोखे से चाय बेचता था और इसी तरह के सर्द मौसम में गुज़र गया।
यक़ीनन ये सपना ही है
और सपने में तुम हो
सामने जो पसरे हैं ना
तुम्हारे गेसू हैं
काले घने मस्त शराबी
कभी नहीं देख पाया मैं इनके पार
और वो
जो पीछे से झाँक रहा है न
वो, वो तुम्हारा
झुमका ही है
कुछ और हो ही नहीं सकता
इतना सुनहरी
इतना खूबसूरत
या तो ये तुम हो
या मेरा वहम
– रा
Sunrise over Mukteshwar hills, Uttarakhand. 6 November 2022

कितनी प्रार्थनाएँ
कितनी कामनाएँ
कितने सवाल
कितने दुःख
कितने कष्ट
कितने पाप
कितने संताप
छोड़ आते हैं लोग
पीपल के हवाले।
अरिया भंगन उन सब को
ख़ुशी-ख़ुशी समेट लाती है –
चढ़ावे के फूल, चावल, गुड़,
लाल धागों और किनारी लगे
दुपट्टों के साथ।
अरिया भंगन
फिर से कर आती है
साफ़-शफ़्फ़ाफ़ पाक
पीपल का मैला चौराहा
जहाँ से एक रास्ता
चतुर्भुज स्थान को जाता है।
– रा, 19 नवम्बर
Himalayan wild cherry blossoms are blooming in the lower Himal these days. Locally the tree is called Padam or Padmakh. Its tiny petals fall like flurries taking their own sweet time to land and create a circular pink carpet on the sidewalk. In Uttarakhand and Himachal, a concoction made from its seeds is used in treating kidney stones and paste made from its bark is supposedly helpful in treatment of skin ailments. Mukteshwar, November 2022


You must be logged in to post a comment.