कुछ तस्वीरों के मायने नहीं ढूंढने होते, उन्हें डिकोड नहीं करना होता – बस निहारना होता है, दिल में उतारना होता है। कुछ तस्वीरों पे बड़े बड़े हर्फों में लिखा होता है – प्यार। कुछ तस्वीरें अपने मौन में, अपनी रूह में पूरी कायनात की कहानी छिपाये होती हैं। ये तस्वीर उस ब्रह्मांड की नाद का हिस्सा है जिस से आज बहुतरे वंचित हैं। रमज़ान के मुबारक महीने में ऐसी तस्वीर तोहफें में देना वाला एक फ़रिश्ते के सिवा और कौन हो सकता है। और इस तस्वीर को अपने कैमरे में बंद करने वाला फरिश्ता है हमारा प्यारा तारिक़ मुस्तफ़ा जिसने हमेशा अपने सब दोस्तों और चाहने वालों पे प्यार बरसाया है। दिल्ली की जामा मस्ज़िद में ली ये तस्वीर अलविदा जुम्मा की है, इस तस्वीर में छुपी हर कहानी को पढ़ कर में दुनिया से, दोस्तों से साझा करना चाहता हूँ। तारिक़ की जितनी तारीफ की जाए कम है। तारिक़ हरफ़न मौला से भी ज़्यादा फन जानते हैं। पेशे से IT के धुरंदर एक्सपर्ट हैं, संगीत, नाटक, गाना और नशिस्तों से इस तरह जुड़े हैं जैसे फूलों पे तैरती तितलियाँ और ऐसे बेहतरीन फोटोग्राफर और डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाने वाले हैं कि दर्जनों अवार्ड से नवाज़े गए हैं – सबसे ऊपर – तरीक़ नेक दिल इंसान हैं। तस्वीर के लिए शुक्रिया । जियो प्यारे @tariq
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